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06 April, 2017

आई वी ऍफ़ क्या है?

आईवीएफ क्या है

इन विट्रो फर्टिलाइसेशन एक ऐसा शब्द है जिसे काफी लोगो ने सुना है। हालाँकि लोग आई वी ऍफ़ शब्द से परिचित हैं, परंतु काफी लोग यह नहीं जानते कि यह आखिरकार हैं क्या ।

आई वी ऍफ़ एक प्रजनन उपचार हैं जो कि उन लोगों के लिए बना है जो शिशु पाने में असमर्थ हैं । यह एक चिकित्सा प्रक्रिया है जिससे बाँझ दम्पत्तियो का उपचार होता है । आई वी ऍफ़ के द्वारा काफी निःसंतान दम्पत्तियों ने गर्भ धारण किया और अपने शिशु को पाया।

गर्भ धारण प्रक्रिया में क्या होता है ? इस प्रक्रिया में स्त्री के एग और पुरुष स्पर्म कि आवश्यकता होती है । यह दो मिलकर एम्ब्र्यो जो कि शुरूआती स्थिति होती है शिशु उत्पादन की। मगर जब स्त्री के एग या फिर पुरुष के स्पर्म या फिर दोनों में ही कोई परेशानी होती है तो यह बाँझपन का मामला होता है और गर्भाधान नहीं हो पाता है । जिसका तात्पर्य है की महिला साथी प्राकृतिक रूप से गर्भवती नहीं हो पातीं । यह वो स्थिति होती है जब बांझपन के इलाज की आवश्यकता होती है और आई वी ऍफ़ तब सामने आता है ।

जब विहाहित जोड़ा जो कि गर्भधारण करने के लिए पिछले ६ महीनों से लगातार असफल असुरक्षित यौन क्रिया कर रहें हैं तो यह माना जाता है कि या तो स्त्री एग या पुरुष स्पर्म या फिर दोनों में कुछ दिक्कत है । चिकित्सकीय, युगल को इंफरटाइल कहा जाता है । भले ही ऐसे मामले भी हैं जब युगल ने काफी साल कोशिशें की और आखिरकार प्राकृतिक रूप से गर्भ धारण करने में सफल हुए । परंतु यह एक दुर्लभ मामला है ।

आई वी ऍफ़ एक फर्टिलिटी तकनीक है जिसमें स्त्री एग और पुरुष स्पर्म को शरीर के बाहर फर्टीलाइज़ किया जाता है । यह प्रक्रिया बाह्य रूप से लैब के अंदर की जाती है । 'इन-विट्रो' दर्शाता है 'इन-ग्लास' जिसका अर्थ है ग्लास के अंदर। फर्टीलाइज़ेशन प्रक्रिया लैब के अंदर एक ग्लास पेट्री डिश में की जाती है । इस एम्ब्र्यो को माता के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है ताकि वह बड़ा हो और शिशु का अकार ले ।

भिन्न फर्टिलिटी परेशानियों के लिए अलग अलग प्रकार के इलाजों की रचना की गयी है । कई बार परेशानी कम स्पर्म गणना, खराब गुणवत्ता स्पर्म, खराब गुणवत्ता एग या डिंबोत्सर्जन(ओवुलेशन) में परेशानी की वजह से भी होती है ।

आई वी ऍफ़ प्रक्रियाओं के उपचार बड़े पैमाने पर नींचे श्रेणीबद्ध हैं । मगर यह जानना ज़रूरी है की फर्टिलिटी उपचारों को व्यक्तिगत रूप से प्रबंधित किया जाता है न की सामान्य श्रेणी में ।

इंट्रायूटरिन इनसेमिनेशन (IUI) एक तकनीक है जहाँ पुरुष स्पर्म को स्त्री के यूटरस में डिंबोत्सर्जन(ओवुलेशन) के दौरान डाला जाता है । यह तकनीक तब इस्तेमाल की जाती है जब स्त्री साथी की प्रजनन प्रणाली स्वस्थ और ग्रहणशील होती है, किन्तु पुरुष साथी की स्पर्म गणना बहुत कम हो । स्पर्म को धोया जाता है और सिर्फ वह एक स्पर्म जो की स्वस्थ हो उसका चयन आई यू आई प्रक्रिया के लिए किया जाता है । अगर पुरुष स्पर्म की गुणवत्ता अच्छी हो तो यह प्रक्रिया सफल होती है और स्त्री साथी जल्द ही गर्भ धारण करती है ।

इंट्रासाइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन(ICSI)- पुरुष वीर्य में से एक स्वस्थ स्पर्म को चुना जाता है और सीधा परिपक्क स्त्री एग में डाला जाता है । यह प्रक्रिया ऐसी मामलो में इस्तेमाल की जाती है जहाँ पुरुष स्पर्म की गतिशीलता काम हो । स्वस्थ स्त्री एग के लिए ICSI की सफलता 70-85% है । स्पर्म को स्त्री एग में डालने के बाद वह प्राकृतिक रूप से फेर्टिलिज़े हो जाता है । इसके बाद निषेचित एम्ब्र्यो को स्त्री साथी के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है ।

डोनर आई वी ऍफ़- अगर दंपत्ति स्वस्थ स्पर्म या एग देने में असमर्थ है तो डोनर एग या स्पर्म या फिर डोनर एम्ब्र्यो का इस्तेमाल किया जाता है । डोनर IVF की उन मामलो में सलह दी जाती है जिनमें साथी को आनुवांशिक रूप से संक्रमित रोग हो । जब स्त्री का विलुप्त डिम्बग्रंथि रिजर्व या समयपूर्व डिम्बग्रंथि विफलता हो तब डोनर एग की ज़रूरत होती है ।

सररोगेसी (किराए की कोख)- जो दंपत्ति अपना शिशु चाहते हैं किन्तु महिला साथी अपने गर्भाशय में दिक्कत या किसी और कठिनाई के कारण शिशु पैदा नहीं कर सकतीं सर्रोगेसी उनके लिए एक एच विकल्प है । सर्रोगेसी एक अनुबंध है जिसमें सर्रोगेट माता शिशु के जन्म तक उसे अपनी कोख में रखती है और जन्म के बाद माता-पिता को सौंप देती है । एम्ब्र्यो को लैब के अंदर फेर्टिलिज़े किया जाता है और सरोगेट माता के गर्भाशय में डाला जाता है । शिशु का सरोगेट माता के साथ कोई आनुवंशिक सम्बन्ध नहीं होता है । ऐसी कई वजह है जिनमें दंपत्ति सर्रोगेसी को चुनते हैं जिसमें कैंसर का उपचार भी एक है । महिलायें जिनके पास गर्भाशय न हो या प्रजनन प्रणाली में कोई समस्या हो वे सर्रोगेसी चुन सकते हैं । सर्रोगेसी उन महिलाओं के लिए एक अच्छा विकल्प है जिनके एकाधिक आई वी ऍफ़ असफल रहें हों ।

पुरुष प्रजनन क्षमता - पुरुष बाँझपन एक समस्या है जो काफी पुरुषों में पायी जाती है । पुरुष फर्टिलिटी उपचार, दीन स्पर्म होने पर, कम स्पर्म गणना या फिर स्पर्म के न होने पर वीर्यपात करने में अक्षमता इन सब के लिए मददगार है । पुरुष बांझपन मुख्या रूप से जीवन शैली पर निर्भर है । आई वी ऍफ़ में केवल एक स्वस्थ स्पर्म की आवश्यकता होती है जो की एग को निषेचित कर सके ।

स्त्री बांझपन - काफी महिलाओं में डिंबोत्सर्जन की परेशानियां होती है । यह परेशानियाँ उनकी मासिक ऋतूचक्र (Menstrual Cycle) में प्रतिबिंबित होती हैं । कुछ स्त्री अनियमित ऋतुचक्र, बहुत दर्दनाक माहवारी, ऋतुचक्र में अत्यंत रक्त बहना, या फिर ऋतू चक्र ना आना, ऐसी कठिनाइयों का सामना करतीं हैं । यह सब डिंबोत्सर्जन चक्र से सम्बंधित हैं और सीधे तौर पे प्रजनन शक्ति को प्रभावित करती हैं । अवरुद्ध डिंबवाही नली या गर्भाशय में विषमता बाँझपन के सामान्य कारणों में से है । आई वी ऍफ़ प्रक्रिया के अन्तर्गत अंडाशय को उत्तेजित किया जाता है ताकि वह बहुत से परिपक्व एग प्रदान कर सके ।

आई वी ऍफ़ ने आशा दी है उन दम्पत्तियों को जो गर्भ धारण नहीं कर पा रहे हैं । इस प्रक्रिया ने लाखों चिकित्सकीय अवरोधक दम्पत्तियों को संतान प्राप्ति कराई है । कुछ दम्पत्तियों को मामूली परेशानियाँ के कारण गर्भ धारण करने में दिक्कत होती है जबकि कुछ को बड़ी दिक्कतें जो कि अनेक कारणों की वजह से होती हैं ।

प्रजनन के समाधानों की बढ़ती मांग के चलते दुनिया भर में अनेक आई वी ऍफ़ क्लिनिक हैं ।

मेडिकवेर एक प्रमाणित फर्टिलिटी चिकित्सालय है जिसकी दुनिया भर में उपस्तिथि है और साथ ही में यह अच्छी सेवा के लिए प्रतिष्टित है एवं उच्च सफलता दर भी है ।

कुछ सामान्य प्रश्न :

सामान्य गर्भावस्था की तुलना में क्या आई वी ऍफ़ में गर्भपात या विकृति के मौके ज़्यादा है?

गर्भपात या विकृति का जोखिम सामान्य गर्भावस्था और आई वी ऍफ़ दोनों में ही बराबर है । असिस्टेड रिप्रोडक्टिव तकनीक आनुवांशिक असामान्यताओं के जोखिम को किसी प्रकार से घटाती या बढ़ाती नहीं है ।

क्या दिन के विशिष्ट समय पर ही निर्धारित दवा और उपचार लेना अनिवार्य है?

सफल आई वी ऍफ़ प्रक्रिया के लिए दवा और उपचार ठीक उसी समय लेना आवश्यक है जो चिकित्सक ने निर्धारित किया है ।

क्या आई वी ऍफ़ या गर्भाधान के बाद सफर करना सुरक्षित है?

2 से 3 दिनों तक सफर ना करना उचित है । अगर मरीज दूसरे शहर से है और घर वापिस लौटना चाहत है तो घर पहुचने के बाद आराम अनिवार्य है ।

आई वी ऍफ़ या गर्भाधान के बाद मुझे क्या सावधानी बरतने की ज़रूरत है?

प्रक्रिया पूरी हों जाने के बाद और विशेषतः आपकी गर्भावस्था के दौरान श्रमसाध्य शारीरिक गतिविधियां जैसे भारी सामान ढोना इत्यादि से बचाव उचित है ।

एग बहाली में कितना समय लगता है?

आमूमन एग बहाली में 20-30 मिनट लगते हैं ।

आई वी ऍफ़ के ज़रिये गर्भवती होने में कितना समय लगता है?

एक आई वी ऍफ़ साइकिल में 4-6 सप्ताह लगते हैं ।

इन विट्रो फर्टीलाईजेशन की सफलता दर क्या है?

प्रथम साइकिल के लिए सफलता दर 30% है । 3 आई वी ऍफ़ साइकिल के लिए सफलता दर 70% है ।

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